Friday, October 19, 2007

दर्द अपना तो हर दिल महसूस करता है,
तुमने सोचा नही कोई और भी रोता होगा।
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ज़माने को खबर हो गयी हम आपके दीवाने हैं,
हमारी मुश्किल ये कि आपकी नज़र मी बेगाने हैं।
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इक इक हरकतें ऐसी कि दुनिया को शक होता है,
ऐसा लगता है आपने मेरा दिल चुरा लिया है।
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मेरी याददाश्त बहुत कमजोर है, लेकिन
मुझसे पहले आप मुझे भूल गए।
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रूठे हुए को मनाने मुझे आता है,
उसे कैसे मनाऊं जो मुझसे खफा भी नहीं।
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हर दिल को सुकून आता है उनके दीदार से,
मैं तो ज़िंदगी भर के लिए बेचैन हो गया।
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तुम्हे चाहा था, चाहेंगे, चाहते ही रहेंगे,
चाहत ये अपनी तुमसे क्या किसी से ना कहेंगे।
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तेरे दीदार को अब हम ना तरसेंगे कभी,
तेरी सूरत को अपने दिल मै बसा ली हमने.

Wednesday, October 17, 2007

बहाना


तेरे रोने पे हँसने का बहाना पायेगी दुनिया,

मैं तो तनहाई मे बे-खौफ रो लेता हूँ.

चिट्ठी

अब भी आ जाता तो रह जाती हमारी ज़िंदगी ,
बाद मरने के ख़त का जवाब आया तो क्या ?

Saturday, October 13, 2007

jaana

महकता चमन, नीली झीलें, बदली में छुपा चांद भी,
मेरे जाना की तस्वीर है, या किसी बहार की.

Friday, October 12, 2007

नर्गिशे मख़मूर ( नशीली आँखें )


लोग समझें क़त्ल मे हाथ मेरे हुज़ूर का है ,
खता तो फ़क़त उनके नर्गिशे मख़मूर का है.